मध्यप्रदेशराजनीति

पटवारी परीक्षा कराने वाले कंपनी ब्लैक लिस्टेड-यादव

ब्लैकलिस्टेड कंपनी और सरकार के बीच कौन सा अघोषित एमओयू

भोपाल, कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने पटवारी भर्ती परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद आरोप लगाया है कि जिस कंपनी को परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई वह ब्लैक लिस्टेड तो थी ही उसके साथ सरकार ने अघोषित एमओयू भी किया था।
यादव ने ट्वीट कर कहा, परीक्षा लेने वाली ब्लैकलिस्टेड कंपनी और सरकार के बीच कौनसा अघोषित एमओयू साइन हुआ था ?
क्या कारण है कि पूरी सरकार अपने बचाव में लगी हुई है और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा  दोषियों को बचाने में ?
यादव ने अपने ट्वीट के साथ कुछ स्क्रीन शॉट भी डाले है और कहा, पटवारी भर्ती परीक्षा में ऐसे हुआ था पूरा घोटाला, परिणाम से पहले हुई इस शिकायत पर अभी तक सरकार ने सिवाए अपराधियों को बचाने के अलावा क्या संज्ञान लिया ?
ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश में कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयो पटवारी भर्ती परीक्षा मैं सामने आई गड़बड़ी के बाद नियुक्तियों पर भले ही रोक लगा दी गई हो मगर इस मामले पर धीरे-धीरे सियासी रंग हर आने लगा है। कांग्रेस जहां छात्रां के हवाले से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को घोटालों का ब्रांड एंबेसडर बता रही है तो वहीं सरकार की ओर से कमलनाथ पर डर्टी पॉलिटिक्स करने का आरोप लगाया गया है।
राज्य में कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा समूह दो, उप समूह चार एवं पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसके परिणाम घोषित हुए और पटवारी भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगे ग्वालियर का एक परीक्षा केंद्र विवादों में आया जो भाजपा के विधायक संजीय सिंह कुशवाहा का है, इस मामले के सामने आने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नियुक्तियों पर ही रोक लगा दी।

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