मध्यप्रदेशराजनीति
मप्र में भाजपा विधायक क्यों कर रहा है जनमत संग्रह

भोपाल मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक चुनाव से पहले ही अपने इलाके में वोटिंग करा रहे हैं और वह आम मतदाता से पूछ रहे हैं कि उन्हें वर्ष 2023 का विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहिए अथवा नहीं. यह विधायक हैं कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के संजय पाठक.
भाजपा के इस विधायक ने यह अनोखा प्रयोग क्यों कराया है इसको लेकर भी सियासी गलियारों में अलग-अलग चर्चा है, मगर संजय पाठक का यही दावा है कि वह अपने क्षेत्र के मतदाताओं से यह राय लेना चाहते हैं कि उन्हें विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहिए अथवा नहीं, 50 फ़ीसदी से अगर ज्यादा लोग उन्हें चुनाव लड़ने के लिए कहते हैं तभी वह चुनाव लड़ेंगे. मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब मतगणना की घड़ी आ गई है.
विजयराघवगढ़ में लगभग चार दिन तक घर-घर मत पेटियां भेजी गई और जिस पर मतपेटी की जिम्मेदारी थी उसी के पास मत पत्र भी थे जिसमें उसे हां और नहीं पर निशान लगाना था. यह प्रक्रिया चली भी और लोगों ने वोट डालें. हां पर लोगों ने कितनी मर्जी से लगाया या दबाव में लगाया यह तो मतदाता ही जान,मगर सवाल एक है कि संजय पाठक और उनके परिवार को सिर्फ एक चुनाव को छोड़ दिया जाए तो उसके अलावा कभी भी पचास फ़ीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिले. क्या इस बार संजय पाठक को 50फ़ीसदी से ज्यादा लोग चुनाव लड़ने के लिए हरी झंडी देंगे और अगर ऐसा होता है कि इतनी बड़ी तादाद में लोग पाठक के साथ हैं तो ऐसा क्या हो गया बीते 5 साल में कि उनके चाहने वालों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी आ गई.
कहा तो यह भी जा रहा है कि आगामी चुनाव में पाठक के लिए बड़ी चुनौती रहने वाली है, लिहाजा वे इस जनादेश के जरिए यह पता करना चाहते है कि किस क्षेत्र के मतदाता उनके साथ नहीं है, जिन क्षेत्रों में उन्हें वोट कम मिलेगे,उस इलाके में वे ज्यादा जोर लगाएंगे ताकि अपनी जीत को आसान बना सकें। इतना ही नहीं पार्टी पर भी पाठक यह दवाब बनाना चाह रहे है कि चाहे जो हो, पार्टी उन्हें ही उम्मीदवार बनाए। इसके पीछे की वजह है कि पार्टी ने जो सर्वे कराए है उसमे ंकई विधायकों की रिपोर्ट निगेटिव आई है।



