प्रियंका के दौरे ने बढ़ाया नकुलनाथ का कद
प्रिंयका गांधी से साथ हर जगह नजर भी आए नकुलनाथ
प्रियंका के दौरे ने बढ़ाया नकुलनाथ का कद
भोपाल, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी के ग्वालियर दौरे से एक तरफ जहां कांग्रेस के कार्यकर्ता उत्साहित है तो दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में आयोजित जनाक्रोश महारैली ने छिंदवाड़ा के सांसद नकुलनाथ का सियासी कद बढा है। नकुलनाथ को न केवल मंच से बोलने का अवसर मिला बल्कि वे प्रिंयका गांधी से साथ हर जगह नजर भी आए।
ग्वालियर में आयोजित जनाक्रोश महारैली को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह के सवाल थे और हर किसी की नजर प्रियंका गांधी के भाषण पर थी क्योंकि कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए ज्योतिरादित्य सिंधिया और सिंधिया राजघराने का प्रभाव वाला इलाका है ग्वालियर चंबल संभाग। कांग्रेस से जुड़े नेता इस बात की अपेक्षा कर रहे थे कि प्रियंका गांधी ग्वालियर में सिंधिया पर तीखे हमले बोलेंगी मगर ऐसा हुआ नहीं।
प्रियंका गांधी ने नकारात्मक राजनीति की बजाय जनता के मुद्दों पर ज्यादा फोकस किया और उन्होंने यहां तक कहा कि 30 मिनट के भाषण में 10 मिनट प्रधानमंत्री जी की आलोचना कर सकती हूॅं, 10 मिनट के लिए मैं यह कह सकती हूं कि कितनी घोषणाएं नकली की, कितने घोटाले किए, कितने नाटक करते हैं शिवराज जी और मैं 10 मिनट के लिए सिंधिया जी के बारे में भी बोल सकती हूं कि किस तरह से अचानक उनकी विचारधारा ही पलट गई लेकिन मैं यहां आपका ध्यान भटकाने के लिए नहीं आई हूं।
इस मंच से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने जरूर सिंधिया परिवार और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखे हमले किए। नेता प्रतिपक्ष ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की क्रांति से लेकर 2020 तक सिंधिया परिवार से जुड़ी घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा दिया और सिंधिया परिवार को सत्ता लोलुप भी बताया।
आयोजन में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र व छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ को खास अहमियत मिली। नकुलनाथ प्रदेश में इकलौते कांग्रेस के सांसद हैं, जिन्होंने लोकसभा चुनाव जीता है।राज्य की 29 में से 28 लोकसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है। नकुल नाथ को मंच से बोलने का मौका मिला और उन्होंने राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने का भरोसा भी जताया। संभवत यह पहला अवसर था जब नकुलनाथ को छिंदवाड़ा के बाहर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में बोलने का अवसर मिला, इसे सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल को भी संबोधित करने का अवसर दिया गया।
ग्वालियर के व्यापार मेले में आयोजित कांग्रेस की जनाक्रोश महारैली में मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेता थे मगर उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिला।