मध्यप्रदेश

आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय दो से 6 हजार हुआ

आशा बहनें और पर्यवेक्षको की सेवानिवृत्ति 60 साल से बढाकर 62 साल में की जाएंगी

भोपाल,मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में जमा हुई आशा कार्यकर्ताओं की मांग को आखिरकार सरकार को मानना पड़ा और उनका मानदेय दो हजार से बढ़ाकर छह हजार कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने आशा कार्यकर्ताओं के लिए कई सौगातें दी और कहा,कई आशा उषा बहने अभी मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मिलित नहीं है। हर आशा और उषा बहन को मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना में सम्मानित किया जाएगा।
इसके लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए एक बात आई आकस्मिक अवकाश की वैसे हमारा काम ऐसा है कब हमारी जरूरत पड़ जाए लेकिन फिर भी मानवीयता के नाते हम ऐसी व्यवस्था बनाएं, इन्हें आकस्मिक अवकाश भी हर हालत में सुनिश्चित हो जाए।
आशा के वेतन भुगतान और सत्यापन आशा डायरी के आधार पर सहयोगियों के सत्यापन के उपरांत तत्काल ब्लॉक के स्तर पर ही कर दिया जाए। इसकी कोई न कोई समय सीमा निश्चित की जाए।लेकिन मेरी बहन आपको एक तो मिलता है इंसेंटिव और दूसरा मानदेय में 2 हजार रूपए हमने प्रारंभ किया था।
मै जानता हूं कि जिस स्तर का आपका काम है। अब लगभग पूरा समय हमारा जनता के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए गुजरता है इसलिए 2 हजार रु का मानदेय काफी कम है। इसको बढ़ाकर मैं 6 हजार करने का निर्देश देता हूं।जो रूटीन के काम है कई बार उनमें भी कोई कमी ना होने पर भी कई आशा बहने सेवा से पृथक कर दी जाती है।मैं ये निर्देश दे रहा हूं कि बिना किसी गंभीर कारण के ये बहनें सेवा से पृथक नहीं की जाएंगी।आशा बहनें और पर्यवेक्षको की सेवानिवृत्ति 60 साल से बढाकर 62 साल में की जाएंगी ताकि वह स्वस्थ रहकर और बेहतर काम कर सके।आशा और आशा पर्यवेक्षक बहनों को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

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