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बुंदेली शेफ सीजन 3: स्वाद का ताज साजीदा आमिर के सिर पर, सिंगापुर में खोलेंगी भारतीय रेस्तरां

हुनर, स्वाद और आत्मविश्वास का उत्सव

राजेंद्र सिंह
छतरपुर,  पिछले दो महीनों से बुंदेली महिलाओं के हुनर, स्वाद और आत्मविश्वास का उत्सव बन चुकी बुंदेली शेफ सीज़न 3 प्रतियोगिता का भव्य समापन रविवार को छतरपुर स्थित द रुद्राक्ष होटल में हुआ। बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में स्वाद, हुनर और जुनून की ऐसी जुगलबंदी देखने को मिली, जिसने पूरे बुंदेलखंड को एक बार फिर अपनी रसोई पर गर्व करने का मौका दिया। कड़े मुकाबले को करने के बाद झाँसी की साजीदा आमिर ने अपने लाजवाब बुंदेली व्यंजनों से जजेस को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना की नैंसी शिवहरे, जो वर्तमान में बेंगलुरु में रह रही हैं, ने शानदार प्रस्तुति और संतुलित स्वाद के दम पर प्रथम उपविजेता का स्थान हासिल किया। छतरपुर की विभा अग्निहोत्री ने भी अपने अनोखे प्रयोग और पारंपरिक स्वाद के मेल से सभी का दिल जीतते हुए द्वितीय उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
ग्रैंड फिनाले की शोभा बढ़ाने के लिए छतरपुर की  विधायक  ललिता यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ स्थानीय महिलाओं को पहचान दिलाते हैं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और रसोई को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का काम भी करते हैं। बुंदेली महिलाएँ जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है।
ग्रैंड फिनाले में निर्णायक की भूमिका में बुंदेली शेफ सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह और सीज़न 2 की विजेता ज़हीदा परवीन शामिल रहीं। दोनों जजेस ने ऑडिशन से लेकर फाइनल तक हर डिश को पैनी नज़र से परखा और यह भी देखा कि उसमें बुंदेलखंड की आत्मा कितनी सशक्त रूप से झलक रही है। कार्यक्रम के दौरान तीनों विजेताओं को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, वहीं फाइनल तक पहुँचने वाली अन्य तीन प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। हर प्रतिभागी ने यह साबित किया कि यह मंच सिर्फ जीत का नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और पहचान का भी है।
विजेता बनने के बाद साजीदा आमिर ने भावुक होते हुए कहा, “यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, यह मेरी रसोई, मेरी परंपरा और हर उस बुंदेली महिला की है, जो अपने हुनर को दुनिया तक पहुँचाना चाहती है। बुंदेली शेफ ने हमें अपनी पहचान पर गर्व करना सिखाया है। इस लोकप्रिय शो की विजेता बनना मेरे लिए अनूठी प्रेरणा है, जिसके बाद मैंने सिंगापुर मैं भारतीय रेस्तरां शुरू करके भारत और बुंदेलखंड का मान बढ़ाने का संकल्प लिया है।”
जज पैनल की सदस्य शमिता सिंह ने कहा, “हर प्रतिभागी के व्यंजनों में स्वाद के साथ-साथ उनकी कहानी भी झलक रही थी। निर्णय लेना आसान नहीं था, क्योंकि हर प्लेट में बुंदेलखंड का स्वाद और यहाँ की परंपरा बसी हुई थी।”
वहीं दूसरी जज ज़हीदा परवीन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “बुंदेली शेफ अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रहा, यह एक आंदोलन बन चुका है, जो हमारी रसोई और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचा रहा है। विजेताओं को ढेरों शुभकामनाएँ।”
कार्यक्रम की सफलता पर बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर अतुल मलिकराम ने कहा, “बुंदेली शेफ का सपना सिर्फ एक शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की महिलाओं को ऐसा मंच देना था, जहाँ उनका हुनर सम्मान पाए। सीज़न 3 ने यह साबित कर दिया है कि बुंदेलखंड की रसोई में वो ताकत है, जो पूरे देश को अपनी ओर खींच सकती है। इसे सफल बनाने में पूरी टीम ने खूब मेहनत की, सभी बधाई के पात्र हैं। विजेताओं को शुभकामनाएँ।”
शो की सफलता पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बुंदेलखंड 24×7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा कि ‘बुंदेली शेफ’ आज सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बन चुका है। हर सीज़न के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है और यह मंच क्षेत्र की नारी शक्ति, परंपरा और हुनर को देशभर में सम्मान दिला रहा है।
बुंदेली शेफ की होस्ट शिवांगी तिवारी ने कहा कि यह शो अब लोगों की भावनाओं से जुड़ चुका है। जब प्रतिभागी अपनी थाली में माँ के हाथों का स्वाद और मिट्टी की खुशबू लेकर आते हैं, तो पूरा बुंदेलखंड मुस्कुराता है।
बताते चलें कि ग्रैंड फिनाले में छह प्रतिभागियों- विभा अग्निहोत्री, स्वप्निल मोदी, रश्मि ठाकुर, साजीदा आमिर, नैन्सी शिवहरे और वाइल्ड कार्ड एंट्री के ज़रिए शामिल हुईं रानू झा ने अपने हुनर का दमखम दिखाया, जिनमें से तीन प्रतिभागियों का नाम सीज़न 3 के विजेता, उपविजेता और द्वितीय उपविजेता के रूप में दर्ज हो चुके हैं।
इस बार की प्रतियोगिता सिर्फ जीतने का सफर नहीं थी, बल्कि यह पिछले दो सीज़न्स की यादों, संघर्षों और ऊँचाइयों की कहानी भी थी। सीज़न 1 ने दिखाया कि बुंदेली स्वाद सबसे सहज और सरल होते हुए भी कितना गहरा है। सीज़न 2 ने साबित किया कि नए प्रयोग और आधुनिकता जब परंपरा के साथ मिलती है, तो कैसे स्वर्णिम इतिहास बनते हैं। और अब सीज़न 3 ने यह भरोसा और मजबूत कर दिया कि यह मंच आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड को देश की पाक कला की नई राजधानी बना देगा। जो चिंगारी पहले दो सीज़न्स ने जगाई थी, उसका तेज़ प्रकाश इस बार सम्पूर्ण बुंदेलखंड ने महसूस किया।
कार्यक्रम की सफलता में रुद्राणी कलाग्राम का विशेष सहयोग रहा। पीआर 24×7 बतौर पीआर पार्टनर, अफ्फी स्पोर्ट्स ट्रॉफी पार्टनर, तारुका इको, डिवाइन डेकोर एंड गिफ्ट गैलेरी और बुंदेलखंड्स फेमस गिफ्टिंग पार्टनर रहे। कार्यक्रम का वैन्यू पार्टनर द रुद्राक्ष होटल और ‘2030 का भारत’ सोशल पार्टनर रहा।

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