
भोपाल ,। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और उसका लोकार्पण होने वाला है, इससे चित्रकूट के साधु संत आल्हादित और उत्साहित हैं। साधु संतों ने तय किया है कि वह चित्रकूट की मंदाकिनी नदी का जल लेकर अयोध्या जाएंगे, जहां वे मंदाकिनी के जल से सरयू नदी का अभिषेक करेंगे।
साधु संतों ने मंगलवार को कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा की।कामतानाथ के दर्शन किए और विशेष अनुष्ठान भी किया। सोशल एंटरप्रेन्योर और भाजपा नेता डा स्वप्ना वर्मा की अगुवाई में साधु संतों की टोली ने कामदगिरि की परिक्रमा की।
एक तरफ जहां कामतानाथ की पूजा अर्चना हुई कामदगिरि की परिक्रमा की गई और विशेष अनुष्ठान हुआ साथ में ही साधु संतों ने फैसला किया कि राम मंदिर निर्माण का उनका सपना पूरा हो रहा है लिहाजा इस मौके पर चित्रकूट से वे मंदाकिनी नदी का पवित्र जल लेकर अयोध्या जाएंगे। चित्रकूट की पहचान ही भगवान राम के कारण है क्योंकि उन्होंने यहां अपने वनवास काल का बड़ा कालखंड बिताया था।
डॉ स्वप्ना वर्मा का कहना है भगवान राम हमारे आराध्य हैं। राम के बिना अयोध्या की चर्चा पूरी नहीं हो सकती, इसी तरह भगवान राम के जीवन काल की चर्चा चित्रकूट और मंदाकिनी नदी के बिना अधूरी है। अयोध्या में राम जी का मंदिर बन गया है और चित्रकूट व अयोध्या का जो नाता है वह किसी से छुपा नहीं है। इसलिए साधु संतों के साथ हम सभी ने तय किया है कि मंदाकिनी नदी के जल से सरयू नदी का अभिषेक किया जाएगा। मंदाकिनी नदी का जल अयोध्या ले जाया जाएगा और सरयू का अभिषेक किया जाएगा इसके लिए बनाई जाने वाली योजना को आगामी समय में अंतिम रूप दिया जाएगा।
डॉ वर्मा ने आगे कहा भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का संकल्प लिया था और वह संकल्प अब पूरा होने जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सनातन धर्म से जुड़े लोगों की राम मंदिर निर्माण की इच्छा और सपना दोनों पूरा होने जा रहा है। इस पुनीत पर्व पर चित्रकूट के साधु संतों के साथ हमने तय किया है कि मंदाकिनी नदी के जल से राम की जन्म भूमि अयोध्या की पवित्र सलिला सरयू नदी का अभिषेक करेंगे।
इस अवसर पर साधु संतों ने मौजूद अन्य लोगों के साथ हवन किया और सामूहिक भंडारा भी हुआ। कितना ही नहीं साधु संतों को वस्त्र आदि का वितरण भी किया गया।