भोपाल, मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर जंग छिड़ गई है और आदिवासी नेता उमंग सिंघार ने बड़ा दाव चलते हुए आदिवासी मुख्यमंत्री की तान छेड़ दी है।
गंधवानी से विधायक उमंग सिंघार राज्य की पूर्व उप मुख्यमंत्री जमुना देवी के भतीजे है और अपने बयानों के लिए जाने जाते है। बीते दिनों कोद के कोटेश्वर में टंट्या मामा भील की प्रतिमा के अनावरण से पहले निकाली गई बाइक रैली का हिस्सा बने और इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने की जोरदार तरीके से पैरवी की।
इस मौके पर पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री बनना चाहिए,साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री बनना नहीं चाहते, लेकिन जब तक मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री आदिवासी नहीं बनेगा तब तक सभी को घर में नहीं बैठना है। आदिवासियों के अधिकार की बात कर रहा हूं और उन्हें यह अधिकार मिलना चाहिए।
ज्ञात हो कि आदिवासी नेता उमंग सिंघार राज्य की पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे जमुना देवी के भतीजे हैं और अपनी बेबाक बयानी के लिए कांग्रेस के नेताओं के लिए मुसीबत बनते रहते हैं, जब वे कमलनाथ की सरकार में वन मंत्री थे तो उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था और कई आरोप भी लगाए थे।
राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने मुख्यमंत्री का चेहरा तो घोषित नहीं किया है मगर कमलनाथ को आगे रखकर राज्य के नेता चुनावी मैदान में जा रहे है। इसी बीच उमंग सिंघार का यह बयान नई बहस को जन्म तो देगा ही।